Rudraksh

देव भगवान भोलेनाथ की उपासना में रुद्राक्ष का अत्यन्त महत्व है। रुद्राक्ष शब्द की विवेचना से यह स्पष्ट हो जाता है कि इसकी उत्पत्ति महादेव जी के अश्रुओं से हुई है। शिव महापुराण व श्री मद्दभागवत में इस संदर्भ में कथाएं मिलती हैं। उनके अनुसार यह है कि अनेक वर्षो की समाधि के बाद जब शिव ने अपनी आखें खोली, तब उनके नेत्रों से कुछ आँसू पृथ्वी पर गिरे और उनके उन्हीं अश्रुबिन्दुओं से रुद्राक्ष के महान वृक्ष उत्पन्न हुएरना