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Yantra

Mahamrityujay Yantra

 

 

महामृत्युंजय यंत्र

इस यंत्र के माध्यम से मृत्यु को जीतने वाले भगवान शंकर की स्तुति की गयी है,भगवान शिव की साधना अमोघ व शीघ्र फ़लदायी मानी गयी है। आरक दशाओं के लगने के पूर्व इसके प्रयोग से व्यक्ति भावी दुर्घटनाओं से बच जाता है,शूल की पीडा सुई की पीडा में बदल कर निकल जाती है। प्राणघातक दुर्घटना व सीरियस एक्सीडेंट में भी जातक सुरक्षित व बेदाग होकर बच जाता है। प्राणघातक मार्केश टल जाते हैं,ज्योतिषी लोग अरिष्ट ग्रह निवारणार्थ आयु बढाने हेतु अपघात और अकाल मृत्यु से बचने के लिये महामृत्युयंत्र का प्रयोग करना बताते हैं। शिवार्चन स्तुति के अनुसार पंचकोण षटकोण अष्टदल व भूपुर से युक्त मूल मन्त्र के बीच सुशोभित महामृत्युंजय यंत्र होता है। आसन्न रोगों की निवृत्ति के लिये एवं दीर्घायु की कामना के लिये यह यंत्र प्रयोग में लाया जाता है। इस यंत्र का पूजन करने के बाद इसका चरणामृत पीने से व्यक्ति निरोग रहता है,इसका अभिषिक्त किया हुआ जल घर में छिडकने से परिवार में सभी स्वस्थ रहते हैं,घर पर रोग व ऊपरी हवाओं का आक्रमण नहीं होता है।

यंत्र आप स्थापित करने के बाद इस मंत्र की 21 माला करें किसी भी शुभ दिन को इस से यंत्र का प्रभाव और भी बढ़ता जायेगा  जो आप को लाभ देगा अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेब साइट देखते रहे 

आप हम से ही यंत्र क्यों ले इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है की हम यंत्र को शुभ दिनों में अच्छी क्वालटी की धातु से त्यार करवा कर शुभ महूर्तो में प्राण प्रतिष्ठा करवा कर फ्रेमिंग करवाते है और इस का जपनीय मंत्र भी आप को साथ देते है जो आप को लाभ देगा 

 

Astrologer Kanchan Pardeep Kukreja

Divya Jyoti Astro And Vaastu

Abohar & Ludhiana