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Yantra

Mahakali Yantra

 

 

श्रीमहाकाली यन्त्र

शमशान साधना में काली उपासना का बडा भारी महत्व है,इसी सन्दर्भ में महाकाली यन्त्र का प्रयोग शत्रु नाश मोहन मारण उच्चाटन आदि कार्यों में किया जाता है। मध्य बिन्दु में पांच उल्टे त्रिकोण तीन वृत अष्टदल वृत एव भूपुर से आवृत महाकाली का यंत्र तैयार होता है। इस यंत्र का पूजन करते समय शव पर आरूढ मुण्डमाला धारण की हुयी कडग त्रिशूल खप्पर व एक हाथ में नर मुण्ड धारण की हुयी रक्त जिव्हा लपलपाती हुई भयंकर स्वरूप वाली महाकाली का ध्यान किया जाता है। जब अन्य विद्यायें असफ़ल हो जातीं है,तब इस यंत्र का सहारा लिया जाता है। महाकाली की उपासना अमोघ मानी गयी है। इस यंत्र के नित्य पूजन से अरिष्ट बाधाओं का स्वत: ही नाश हो जाता है,और शत्रुओं का पराभव होता है,शक्ति के उपासकों के लिये यह यंत्र विशेष फ़लदायी है। चैत्र आषाढ अश्विन एवं माघ की अष्टमी इस यंत्र के स्थापन और महाकाली की साधना के लिये अतिउपयुक्त है।

यंत्र आप स्थापित करने के बाद इस मंत्र की 21 माला करें किसी भी शुभ दिन को इस से यंत्र का प्रभाव और भी बढ़ता जायेगा  जो आप को लाभ देगा अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेब साइट देखते रहे 

आप हम से ही यंत्र क्यों ले इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है की हम यंत्र को शुभ दिनों में अच्छी क्वालटी की धातु से त्यार करवा कर शुभ महूर्तो में प्राण प्रतिष्ठा करवा कर फ्रेमिंग करवाते है और इस का जपनीय मंत्र भी आप को साथ देते है जो आप को लाभ देगा 

Astrologer Kanchan Pardeep Kukreja

Divya Jyoti Astro And Vaastu

Abohar & Ludhiana