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Yantra

Vyapar Vridhi Yantra

 

 

व्यापार वृद्धि यंत्र 

व्यापार किसी भी व्यक्ति के लिए जीवनयापन का साधन है। कुछ लोग मेहनत तो बहुत करते हैं परंतु उन्हें मनवांछित फल नहीं मिलता। जिससे वह हताश और निराश रहने लगते हैं। रूपए-पैसे की कमी होने के कारण वह व्यापार के प्रचार एवं प्रसार के लिए चाह कर भी अन्य किसी विकल्प को अपना नहीं सकते।ऐसे में व्यापार वृद्धि यंत्र की स्थापना बहुत लाभकारी सिद्ध होती है।

यंत्र सर्वोपरि एवं सर्वाधिक महत्वपूर्ण होते हैं व्यापार वृद्धि यंत्र की संरचना बड़ी ही विचित्र है, इस यंत्र को धनदाता और सर्वसिद्धिदाता कहा गया है. व्यापार वृद्धि यंत्र की रचना तांबे, चांदी या सोने के पत्र पर या स्फटिक पर की जा सकती है. शास्त्रों के अनुसार स्फटिक या स्वर्णपत्र पर शुभ मुहूर्त में अंकित यंत्र सर्वोत्कृष्ट माना जाता है. यह एक अत्यंत चमत्कारी यंत्र है लेकिन इसके चमत्कारी फलों का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक है कि इसकी साधना विधि विधान के साथ निष्ठापूर्वक की जाए. व्यापार वृद्धि यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा करके उसकी पूजा प्रतिदिन करनी चाहिए. इससे दरिद्रता दूर रहती है व्यापार में सफलता प्राप्त होती है. यंत्र की पूजा करते समय मंत्र का जप करना चाहिए. व्यापार वृद्धि यंत्र को व्यापार से सम्बन्धित स्थल में स्थापित करने तथा नियमित शुद्ध मन से पूजा करने से व्यापार में आने वाली रूकावटों का अंत होता है तथा विकास में वृद्धि होती है, धन का आगमन होता हैं. व्यापार में निरन्तर घाटा होने की स्थिति में इस यंत्र को सम्मुख रखकर मंत्र जपने से व्यापार में आश्चर्यजनक लाभ होता है. इस यंत्र की अचल प्रतिष्ठा करके व्यक्ति को अपने पास में रखने से अनेक तरह से व्यापार में लाभ होता है.

यंत्र आप स्थापित करने के बाद इस मंत्र की 21 माला करें किसी भी शुभ दिन को इस से यंत्र का प्रभाव और भी बढ़ता जायेगा  जो आप को लाभ देगा अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेब साइट देखते रहे 

आप हम से ही यंत्र क्यों ले इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है की हम यंत्र को शुभ दिनों में अच्छी क्वालटी की धातु से त्यार करवा कर शुभ महूर्तो में प्राण प्रतिष्ठा करवा कर फ्रेमिंग करवाते है और इस का जपनीय मंत्र भी आप को साथ देते है जो आप को लाभ देगा 

 

Astrologer Kanchan Pardeep Kukreja

Divya Jyoti Astro And Vaastu

Abohar & Ludhiana