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Gemstone

Shani Ratan Neelam

शनि रत्न नीलम

विविध नामः

संस्कृत: नील, शौरिरत्न, इन्द्रनील, तृणग्राही, नीलमणि आदि

हिन्दी व पंजाबी: नीलम

उर्दु व फारसी: याकूत, काबूद

अग्रेंजी: सफायर

भौतिक गुणः कठोरता 9, आपेक्षित घनत्व 4.03, वर्तनांक 1.76 से 1.77, दुहरा वर्तन 0.008, द्विवर्णिता अतिस्पष्ट, बिना सूक्ष्मदर्शक के भी दृश्य भंगूर, अपकिरणन हीरे की अपेक्षा कम।

शनि ग्रह का रत्न नीलम जिसे अंग्रेजी में ब्लू सैफायर कहते है।

नीलम नीले रंग का पारदर्शी रत्न होता है। यह सामान्यतः चमकीला गहरा नीला एंव मखमली नीला होता है। नीलम के अन्दर यदि खड्डा, जाल, धब्बा, या लाल छीटें दिखाई दे तो दोष युक्त समझना चाहिए। ऐसा नीलम पहनने पर अधिक नुक्सान देता है। नीलम के औषधीय प्रयोग नीलम की भस्म के अनेक प्रयोग बताए गए है। पागलपन में यह चमत्कारी प्रभाव दिखाती है। नीलम की भस्म मस्तिष्क की दुर्बलता, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, एंव दमा आदि रोगो में लाभदायक होती है। नीलम धारण करने के लाभ नीलम धारण करने से जन्म कुण्डली में शनि से उत्पन्न होने वाले अशुभ प्रभाव शान्त होते है। जीवन में सफलता को स्थायी रखने के लिए नीलम धारण करना लाभदायक होता है।
 

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