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Gemstone

Mangal Ratan Munga

मंगल रत्न मूंगा

विविध नामः

संस्कृत: प्रवाल, विद्रुम, लतामणि, अंगारक मणि, अम्भोधि पल्लव, भौमरत्नक, रक्तांक आदि

हिन्दी व पंजाबी: मूंगा

उर्दु व  फारसी: मिरजान

अग्रेंजी: कोरल

भौतिक गुणः जैविक रचनाः रासायनिक तत्व कैलशीयम कार्बोनेट, आपेक्षित घनत्व 2.65, कठोरता 3.5 से 4, वर्तनांक 1.486 तथा 1.658 है। अपारदर्शक।

मंगल ग्रह का रत्न मूंगा जिसे अंग्रेजी में कोरल कहते है।

मूंगा एक समुद्री वनस्पति का अवशेष होता है। जो सामान्यतः लाल रंग का होता है। परन्तु सफेद रंग के मूंगे भी पाए जाते है। जो मूंगा चमकदार, चिकना एंव लाल रंग का होता है। वह श्रेष्ठ होता है। मूंगे के औषधीय प्रयोग मूंगे का प्रयोग अनेक प्रकार के रोगो को दूर करने के लिए औषधि के रूप में किया जाता है। रक्त विकार, वायु विकार, मंदाग्नि, हृदय रोग एंव शरीरिक दुर्बलता तथा मिर्गी के निवारण हेतु मूंगे की भस्म का प्रयोग किया जाता है। मूंगे के अन्य लाभ मूंगा धारण करने से भूतप्रेत का प्रभाव समाप्त हो जाता है। यदि किसी को नजर लग गई हो तो तो मूंगा धारण करने से नजर उतरती है। जिन स्त्रीयों को गर्भपात हो जाता हो उन्हे मूंगा रत्न धारण करने से प्रसव समय पर होता है। जिन व्यक्तियों का उत्साह कम हो उन्हे मूंगा धारण करने से लाभ होता है। उत्साह व पराक्रम बढता है। व्यक्त्वि प्रभावशाली होता है। यदि जन्म कुण्डली में मंगल अशुभ हो तो मूंगा धारण करने से मंगल की अशुभता दूर होती है।
 

उच्तम क्वालिटी के यह रत्न हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है