loading

Gemstone

Chander Ratan moti (Pearl)

चन्द्र रत्न मोती

विविध नामः

संस्कृत: मुक्ता, मोक्तिक, शुकितज, इंदुरत्न, आदि

हिन्दी व पंजाबी: मोती

उर्दु व फारसी: मरवारीद

अग्रेंजी: पर्ल

भौतिक गुणः जैविक रचनाः रासायनिक तत्व कैलशीयम कार्बोनेट, आपेक्षित घनत्व 2.84 या 2.89 तक, कठोरता 3.5 से 4, मोतियों के भीतर परतों की स्थिति लगभग समकेन्द्रिक तथा समानान्तर, अपारदर्शक।

चन्द्र ग्रह का रत्न मोती जिसे अंग्रेजी में पर्ल कहते है।

मोती चन्द्रमा का प्रतीक होता है। यह पत्थर न होकर समुद्री जीव सीप से उत्पन्न होता है। जो मोती चमकदार, उज्जवल, और मनोरम सफेद रंग लिए हो तो वह श्रेष्ठ मोती होता है। मोती का निर्माण सीप के अन्दर होता है। जब रेत का कोई बारीक कण या अन्य कोई वस्तु सीप के अन्दर चली जाती है। तथा वह अन्दर जाकर वह सीप के आतंरिक अंगों में चुभन पैदा करती है। तो सीप उस वस्तु के चारों और अपने शरीर से एक चिकने पदार्थ का आवरण चढ़ाने लगता है। इस प्रकार वह आवरण जमा होकर मोती का रूप ले लेता है। मोती सामान्यतः गोल या अण्डकार होता है। मोती के औषधीय लाभ कैल्शियम की कमी के कारण होने वाले रोगो में भी मोती का भस्म लाभदायक होता है। मोती को चाँदी की अंगूठी में धारण करने से मानसिक शांति एंव स्थिरता आती है। मोती के अन्य लाभ मोती के धारण करने से ज्ञान एंव बुद्धिमता की वृद्धि होती है। व्यक्ति बुरे मार्गो को छोडकर सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होता है। शरीरिक एंव मानसिक निर्बलता दूर होकर तेज रूप एंव बल की वृद्धि मोती धारण करने से होती है। जन्म कुण्डली में चन्द्रमा के दुष्टप्रभाव को समाप्त करने के लिए मोती को धारण किया जाता है।
 

उच्तम क्वालिटी के यह रत्न हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है 

Astrologer Kanchan Pardeep Kukreja

Divya Jyoti Astro And Vaastu