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Rudraksh

Teen Mukhi Rudraksh

तीन मुखी रूद्राक्ष
 

तीन मुखी रूद्राक्ष साक्षात अग्नि का स्वरूप है। अग्नि का स्वरूप होने से ज्ञान का प्रकाश देता है। इसको धारण करने से अग्नि की तृप्ति होती है। स्त्री हत्या के पाप से मुक्ति, विद्या प्राप्ति, बुद्धि का विकास, एकाग्रता और स्मरण-शक्ति बढती है। विद्यार्थियों के लिये यह अत्यन्त उपयोगी है। शत्रु का नाश, पेट की व्याधि तथा अशुभ घटनाओं से रक्षा होती है। समस्त भोग ऐश्वर्य प्रदान करने वाला होता है।

तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से अनेक रोगों में लाभ मिलता है और सब पापों को शुद्ध करने में मदद करता है। तीनमुखी रुद्राक्ष पीलिया जैसे रोग तथा रक्त दोष, प्लेग, चेचक, पाचन समस्याओं में लाभदायक होता है।

तीन मुखी रूद्राक्ष को सोमवार के दिन या किसी शुभ महुर्त में विधिपूर्वक प्रातः काल स्नान के बाद ऊँ रं हैं हीं हूं ऊँ मंत्र का 108 बार जाप करके काले धागे में गूथंकर यथाविधि धारण करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन एक बार यह मंत्र अवश्य जपें।
 

यह रुद्राक्ष हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है