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Rudraksh

Do Mukhi Rudraksh

दो मुखी रूद्राक्ष
 

दो मुखी रुद्राक्ष देवता और देवी का मिलाजुला रूप है। इस रुद्राक्ष को साक्षात् अर्द्धनारीश्वर ही मानें। दो मुखी रूद्राक्ष धारण करने से अर्द्धनारीश्वर प्रसन्न होते है। इसे धारण करने वाला भगवान भोलेनाथ के साथ माता पार्वती की अनुकम्पा का भागी होता है। इसे पहनने से दाम्पत्य जीवन में मधुरता आती है तथा पति पत्नी का विवाद शांत हो जाता है। दो मुखी श्री गौरीशंकर का रूप माना जाता है सभी प्रकार की कामनाओं को पूरा करने वाला तथा दांपत्य जीवन में सुख, शांति व तेज प्रदान करता है। दोमुखी रुद्राक्ष घर गृहस्थी का सम्पूर्ण सुख प्रदान करता है। साथ ही गोहत्या का पाप दूर होकर स्वर्ग प्राप्ति में सहायता मिलती है। प्राणी धन धान्य से सम्पन्न एंव चिन्ताओ से मुक्त होता है और इसको पहनने से मनुष्य की बुद्धि जागृत होती है और दो मुखी रूद्राक्ष घर से क्लेश आदि के कारण को जड़ से दूर करता है।

शिव तथा पार्वती का रूप दोमुखी रुद्राक्ष धारण करने से वात संबंधी रोगों से मुक्ति मिलती है. मोटापा, नेत्र दोष, हृदय, फेफड़े इत्यादि रोगों को दूर करने में सक्षम है।

दो मुखी रूद्राक्ष को सोमवार के दिन या किसी शुभ महुर्त में विधिपूर्वक प्रातः काल स्नान के बाद ऊँ हीं क्षौं व्रीं ऊँ मंत्र का 108 बार जाप करके काले धागे में गूथंकर यथाविधि धारण करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन एक बार यह मंत्र अवश्य जपें।
 

यह रुद्राक्ष हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है   ( Contact Us)