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Rudraksh

21 Mukhi Rudraksh

इक्कीस मुखी रूद्राक्ष <br/><br/>

इक्कीस मुखी रूद्राक्ष के देवता भगवान कुबेर है जो धन संपदा के स्वामी हैं। यह रुद्राक्ष धन धान्य की कमी को दूर करता है। इसे धारण करने से निर्धन भी धनवान हो जाता है। इस रूद्राक्ष को पहनने वाला विशाल संपत्ति के साथ ही साथ सांसारिक सुखों का लाभ भी उठाता है व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं भाग्यशाली बन जीवन का आनंद लेता है। इक्कीस मुखी रुद्राक्ष जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता दिलाता है. इक्कीस मुखी रुद्राक्ष सभी रुद्राक्षों में एक बेहतरीन रुद्राक्ष है। भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश और अन्य सभी देवी देवता इस रूद्राक्ष में निवास करते हैं। इसे गले में धारण से शांति एवं सदभाव का वातावरण उत्पन्न होता है तथा यह रुद्राक्ष अपार समृद्धि लेकर आता है। इस रूद्राक्ष को धारण करने से ब्रह्म हत्या ,गौ हत्या और ब्राह्मण हत्या जैसे पापों से मुक्ति प्राप्त हो जाती है। इसे पहनने से आध्यात्मिक ज्ञान बढ़ता है और व्यक्ति सनातन धर्म की राह पर चलता है। यह स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। जागरूकता बढ़ाता है, मानसिक परेशानियों को दूर करता है। यह रूद्राक्ष तीसरा नेत्र चक्र है, यह आज्ञा चक्र कुंडलिनी को जागृत करने में भी सहायक होता है इसे धारण करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। यह रुद्राक्ष भी तंत्र मंत्र तथा अन्य बुरी शक्तियों से बचाव करने में उपयोगी है।

इक्कीस मुखी रूद्राक्ष को सोमवार के दिन या किसी शुभ महुर्त में विधिपूर्वक प्रातः काल स्नान के बाद ऊँ ह्रीं हूम शिवमित्रये नमः मंत्र का जाप करके काले धागे में गूथंकर यथाविधि धारण करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन एक बार यह मंत्र अवश्य जपें।<br/><br/>

यह रुद्राक्ष हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है   ( Contact Us)