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Rudraksh

20 Mukhi Rudraksh

बीस मुखी रुद्राक्ष<br/><br/>

बीस मुखी रुद्राक्ष के देवता भगवान ब्रह्मा है। ब्रह्मा, विष्णु और महेश की शक्तियों के रूप में इस रुद्राक्ष में आठ दिक्पालों, आठ दिशाओं के परमेश्वर और नौ ग्रह भी निहित हैं। बीस मुखी रूद्राक्ष को धारण करने वाला सत्य का आचरण करता है। ज्ञान एवं मानसिक शांति को पाता है। इस रूद्राक्ष को पहनने से भगवान कुबेर द्वारा धन धान्य की प्राप्ति होती है। यह रुद्राक्ष भगवान शिव के प्रति की गई भक्ति को उन तक पहुँचाने में सक्षम होता है। भगवान शिव उन्हें इस रुद्राक्ष के साथ आशीर्वाद देते हैं और उसके पापों का अंत करके व्यक्ति को मोक्ष (मुक्ति) प्रदान करते हैं। बीस मुखी रुद्राक्ष आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करता है। प्राचीन वैदिक ग्रंथों के अनुसार इस रूद्राक्ष को उपयोग में लाने से व्यक्ति को भूत, पिशाच, सांप एवं अन्य भयानक वस्तुओं का भय नही सताता। यह रुद्राक्ष बुरी शक्तियों के विरुद्ध संरक्षण का कार्य करता है। यह रुद्राक्ष विश्वासु मुनि साधु का प्रतीक भी माना जाता है, जो भी इसे विधि विधान सहित धारण करता है वह अगाध भक्ति में लीन रहता है। यह रूद्राक्ष तंत्र विद्या साधना में उपयोगी है।

बीस मुखी रुद्राक्ष आखों की समस्याओं, सर्प के काटने से पैदा विकार, दिमागी शक्ति की र्निबलता से पीडि़त लोगों के लिए बहुत उपयोगी होता है।

बीस मुखी रूद्राक्ष को सोमवार के दिन या किसी शुभ महुर्त में विधिपूर्वक प्रातः काल स्नान के बाद ऊँ ब्रम्हत्वे सराज्ये विश्वम स्थितवः पालयति पुनः मंत्र का जाप करके काले धागे में गूथंकर यथाविधि धारण करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन एक बार यह मंत्र अवश्य जपें।<br/><br/>

यह रुद्राक्ष हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है