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Rudraksh

16 Mukhi Rudraksh

सोलह मुखी रुद्राक्ष<br/><br/>

सोलह मुखी रुद्राक्ष को भगवान विष्णु का रुप माना जाता है। सोलह मुखी रुद्राक्ष, सोलह कलाओं एवं सिद्धियों का प्रतीक है। इसे पहनने वाले को सोलह सिद्धियों का ज्ञान प्राप्त होता है। सोलह मुखी रुद्राक्ष विष्णु और शिव का संयुक्त रूप है और विजय प्राप्त होने का प्रतिनिधित्व करता है। यह केतु के बुरे प्रभावों से बचाता है। यह रूद्राक्ष की दुर्लभ किस्मों में से एक है।

इस रूद्राक्ष को पहनने से व्यक्ति भगवान की भक्ति पाता है  और सत्य को निभाते हुए अपने जीवन और सात जन्म के पुण्य लाभ पाता हैं। इस रूद्राक्ष को पहनने के बाद व्यक्ति असाधारण क्षमता को पाता है। वह शक्तिशाली व्यक्ति बन जाता है। यह रूद्राक्ष समस्त सुखों का भोग कराता है तथा सभी पापों से मुक्त करने में सहायक है। व्यक्ति को किसी प्रकार का भय नही सताता तथा जिस घर में सोलह मुखी रूद्राक्ष रखा हो उस घर चोरी, डकैती, या आग की समस्याओं से मुक्त होता है।

सोलह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से पक्षपात जैसे रोग भी दूर हो जाते हैं शरीर की सूजन, गले संबंधी रोगों से मुक्ति प्राप्त होती है। तपेदिक, कुष्ठ रोग, फेफड़ों के रोगों जैसी बीमारियों से पीडि़त लोगों के लिए लाभदायक है।

सोलह मुखी रूद्राक्ष को सोमवार के दिन या किसी शुभ महुर्त में विधिपूर्वक प्रातः काल स्नान के बाद ऊँ ह्रीं हूम मंत्र का जाप करके काले धागे में गूथंकर यथाविधि धारण करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन एक बार यह मंत्र अवश्य जपें।<br/><br/>

यह रुद्राक्ष हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है