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Rudraksh

15 Mukhi Rudraksh

पंद्रह मुखी रूद्राक्ष
 

पंद्रह मुखी रूद्राक्ष पशुपतिनाथ का स्वरूप माना जाता है। यह रुद्राक्ष स्वास्थ्य, धन, शक्ति, ऊर्जा, समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि करता है। सच्चा सुख और मन की शांति प्रदान करता है। उचित मार्ग दिखाता है। इस रुद्राक्ष को धारण करने से सभी उद्यमों में सफलता प्राप्त होती है। उर्जा शक्ति द्वारा अपने सभी कार्यों में सफलता पाता है। इस रुद्राक्ष के पहनने वाला तीव्र बुद्धि को पाता है। शरीरिक कार्य करने (खास कर मिस्त्री) लोगों को यह पहनना लाभदायक है। पंद्रह मुखी रूद्राक्ष को पहनने से धन का अभाव नही रहता है। मोक्ष को प्राप्त करने में तथा उच्च उर्जा शक्तियों की वृद्धि में सहायक होता है। जो व्यक्ति लौहे और रसायन के व्यापार में लगे हुए हैं उन लोगों के लिए यह पंद्रह मुखी रुद्राक्ष बहुत उपयोगी माना जाता है। यह रूद्राक्ष सभी संबंधों को पूर्ण करने में सहायक है।

        यह त्वचा के रोग को दूर करने में सहायक होता है तथा पौरूष शक्ति को बढ़ाने में लाभदायक है। प्राचीन वैदिक ग्रंथों के अनुसार पंद्रह मुखी रुद्राक्ष गर्भपात का भय समाप्त करता है प्रसव पीड़ा को कम करता है तथा असाध्य रोगों को दूर करने में बहुत लाभकारी सिद्ध होता है. विचारों और ध्यान केंद्रित करने तथा एकाग्रता शक्ति और स्मृति बढ़ाने को उत्तम बनाता है। यादाश्त की शक्ति को बढ़ाता है।

        पंद्रह मुखी रूद्राक्ष को सोमवार के दिन या किसी शुभ महुर्त में विधिपूर्वक प्रातः काल स्नान के बाद ऊँ हं स्फ्रे रवण्फ्रैं हस्त्रौं हस्ण्फ्रैं मंत्र का जाप करके काले धागे में गूथंकर यथाविधि धारण करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन एक बार यह मंत्र अवश्य जपें।
 

यह रुद्राक्ष हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है