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Rudraksh

13 Mukhi Rudraksh

13 तेरह मुखी रूद्राक्ष
 

तेरह मुखी रूद्राक्ष के देवता कामदेव है। इसे इन्द्र की सज्ञां दी गई हैं। सहकाम एंव रस रसायन की सिद्धि प्रदान करने वाला तथा सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाला है। यह परम प्रतापी तथा तेजस्वी रूद्राक्ष माना गया है। तेरह मुखी रुद्राक्ष समस्त कामनाओं की पूर्ति करता है तथा दांपत्य जीवन को सुखद एवं खुशियों से भरपूर बनाता है। इच्छा भोगों की प्राप्ति होती है। तेरह मुखी रुद्राक्ष को कामदेव का स्वरूप माना गया है। यह सभी सिद्धियों को प्रदान करने वाला है। इसे धारण करने से कामदेव व रति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। स्त्री पुरूष दोनों को रुप गुण प्रदान करता है। वैवाहिक जीवन की समस्त खुशियाँ प्राप्त होती है। लक्ष्मी प्राप्ति में अत्यंत उपयोगी यह रुद्राक्ष धारक को धन संपदा से युक्त कर देता है। इसे धारण करने से आकर्षण का गुण भी मिलता है। यह शुभ व लाभ प्रदान कराने वाला होता है। इसको धारण करने से राज्य की और से सम्मान में वृद्धि होती है और मान प्रतिष्ठा बढती है। पद में उन्नति होती है। यह धारक को मनचाहे स्त्री पुरूष को वश में करने की शक्ति देता है।

तेरह मुखी रुद्राक्ष शरीर के आंतरिक रोगों को दूर करने में सहायक होता है। ज्योतिष अनुसार यह रुद्राक्ष शुक्र ग्रह के समान होता है। यह रुद्राक्ष निसंतान को संतान प्रदान करने वाला होता है। तेरह मुखी रुद्राक्ष चर्म संबंधित रोगों को भी दूर करने में बहुत फायदेमंद है।

तेरह मुखी रूद्राक्ष को सोमवार के दिन या किसी शुभ महुर्त में विधिपूर्वक प्रातः काल स्नान के बाद “ऊँ ह्रीं हुम नम:”मंत्र का जाप करके काले धागे में गूथंकर यथाविधि धारण करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन एक बार यह मंत्र अवश्य जपें।
 

यह रुद्राक्ष हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है