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Rudraksh

10 Mukhi Rudraksh

दस मुखी रूद्राक्ष
 

दस मुखी रूद्राक्ष के स्वामी दसों दिशाएं है। इसे साक्षात जनार्दन श्री हरि विष्णु भगवान का रूप माना गया हैं। यह रूद्राक्ष अत्यन्त शक्तिशाली होता है। इसे धारण करने वाले प्राणी को सर्पादि का भय नहीं होता भूतप्रेत एंव ब्रहाराक्षस की बाधाएँ शांत होती है अकाल मृत्यु का भय दूर होता है तथा कष्टों से मुक्ति मिलती है। दसों दिशाओं में प्रीति बढती है। साथ ही प्राणी के स्र्वग्रह शांत होते हैं। इसको धारण करने से लोक सम्मान के साथ साथ शांति एवं सौंदर्य मिलता है। और राजसी कार्यो में सफलता मिलती है। इसको धारण करने से सभी लौकिक तथा परलौकिक कामनाएं पूर्ण होती है। दस मुखी रूद्राक्ष नेताओं, समाज सेवियों तथा कलाकारों के लिए उत्तम माना जाता है। इसको पहनने वाला दुश्मनों के मारे मरता नही है।

दस मुखी को धारण करने से सर्व रोग नाश हो जाते हैं। दिमागी रोग के साथ साथ चिंता का नाश करता है, यह रूद्राक्ष संतान प्राप्ति में सहायक होता है।

दस मुखी रूद्राक्ष को सोमवार के दिन या किसी शुभ महुर्त में विधिपूर्वक प्रातः काल स्नान के बाद ऊँ श्री हीं क्लीं व्रीं ऊँ मंत्र का जाप करके काले धागे में गूथंकर यथाविधि धारण करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन एक बार यह मंत्र अवश्य जपें।

यह रुद्राक्ष हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है