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Rudraksh

9 Mukhi Rudraksh

नौ मुखी रूद्राक्ष<br/><br/>

नौ मुखी रूद्राक्ष के देवता भैरव तथा यमराज है। इस रूद्राक्ष को धारण करने वाला व्यक्ति शिव का अत्यन्त प्रिय होने के कारण स्वर्ग में इन्द्र के समान पूजनीय होता है। इसे बाईं भुजा में धारण करने से गर्भहत्या के दोषों से मुक्ति मिलती है। मतांतर में नवदुर्गा का प्रतीक होने से असीम शक्तिसम्पन्न है। इसे अपनी भुजा में धारण करने से जगदम्बा का अनुग्रह अवश्य प्राप्त होता है। शाक्तों (देवी के आराधकों) के लिये नौमुखी रुद्राक्ष भगवती का वरदान ही है। इसे पहिनने वाला नवग्रहों की पीडा से सुरक्षित रहता है। यह मृत्यु के डर से मुक्त करने वाला होता है। इसे बाईं भुजा में पहनने से बल की प्राप्ति होती है। मृत्युलोक में धन, सम्पति एंव ऐश्वर्य की कमी नही रहती। यमराज का भय नहीं सताता। यह मनुष्य को अलौकिक दिव्य शक्ति प्रदान करता है। तथा पति पत्नी, पिता पुत्र के मतभेदों को दूर कर तन मन से सदा पवित्र रखता है।

नौ मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से फेफड़ों से संबंधित समस्याओं, आंखों में दर्द, त्वचा रोग, शरीर में दर्द इत्यादि से मुक्ति दिलाता है।

नौ मुखी रूद्राक्ष को सोमवार के दिन या किसी शुभ महुर्त में विधिपूर्वक प्रातः काल स्नान के बाद ऊँ हीं वं यं रं लं मंत्र का जाप करके काले धागे में गूथंकर यथाविधि धारण करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन एक बार यह मंत्र अवश्य जपें।<br/><br/>

यह रुद्राक्ष हमारे यहाँ विद्वान पंडितों के द्वारा शुभ महुर्त में शुद्ध व सिद्ध किया गया है यदि आप इसे प्राप्त चाहते है