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रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक, ऐसे मिलेगी सफलता

रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक, ऐसे मिलेगी सफलता

 

 

रोहिणी नक्षत्र आकाश मंडल में चौथा नक्षत्र है। यह वृषभ राशि में चारों चरणों में रहता है। उसकी चारों चरणों में बनने वाले नाम ओ, वा, वी, व है। राशि स्वामी जहां शुक्र है, वहीं नक्षत्र स्वामी चंद्रमा है। इस राशि वालों के जीवन में इनके ग्रहों का विशेष महत्व रहता है। 

प्रथम चरण : इस चरण का स्वामी मंगल हैं. रोहिणी नक्षत्र के पहले चरण में जन्म होने के कारण जातक सौभाग्यशाली होगा. चन्द्रमा और मंगल की मित्रता के कारण धन व् ख्याति योग भी देगा. चन्द्रमा व् मंगल की दशा अन्तर्दशा में जातक की उन्नत्ति होगी. लग्नेश शुक्र की दशा उन्नति में विशेष सहायक होगी.

द्वितीय चरण : इस चरण का स्वामी शुक्र हैं. रोहिणी नक्षत्र के दूसरे चरण में जन्म होने के कारण जातक को कुछ न कुछ पीड़ा बनी रहेगी. शुक्र की दशा अन्तर्दशा में जातक की विशेष उन्नत्ति होगी.

तृतीय चरण : इस चरण का स्वामी बुध हैं. रोहिणी नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्म होने के कारण जातक डरपोक और भावुक होगा. चन्द्र व् बुध की दशा अशुभ परन्तु लग्नेश शुक्र की दशा अन्तर्दशा में जातक की विशेष उन्नत्ति होगी.

चतुर्थ चरण : इस चरण का स्वामी चन्द्र हैं. रोहिणी नक्षत्र के चौथे चरण में जन्म होने के कारण जातक जातक सत्यवादी एवं सौन्दर्य प्रेमी होगा. चन्द्रमा की दशा शुभ फल देगी एवं शुक्र की दशा अन्तर्दशा में जातक की विशेष उन्नत्ति होगी

रोहिणी नक्षत्र में जन्मी महिलाएं दुबली पतली परन्तु विशेष रूप से आकर्षक होती हैं. सदा अपने से बड़ों और माता पिता की आज्ञाकारिणी होती हैं. आप अपने रहने और खाने पीने में सदा सतर्क और सावधान रहती हैं . पति के साथ सहमति बने रखना आपका स्वभाव है इसलिए आपके वैवाहिक सम्बन्ध मधुर ही होते हैं . आपकी संतान पुत्र और पुत्री दोनों ही होते हैं. आप एक धनवान और ऐश्वर्यशाली जीवन व्यतीत करते हैं.

1. मेष लग्न में यह राशि द्वितीय भाव में होगा यदि शुक्र-चंद्र इसमें साथ हो उस जातक का जीवनसाथी सुंदर, कोमल स्वभाव वाला, धन संपन्न होगा। ऐसे जातक को कुटुंब से लाभ होगा व ऐसे जातकों का स्वर सुरीला होगा। कवि हृदय भी हो सकता है। शुक्र यदि अष्टम में चंद्र से दृष्टिपात करता हो तो ऐसे जातक कामुक होंगे।

2. वृषभ लग्न हो तो चंद्रमा लग्न में होगा। यदि शुक्र के साथ हो तो ऐसे जातक ललित कलाओं में प्रवीण, सौंदर्यप्रेमी, आकर्षक नाक-नक्श वाला काम कला में प्रवीण, विपरीत लिंग की ओर अधिक आकर्षित रहने वाला भी हो सकता है। ऐसे जातकों की आवाज मधुर होकर कलाकार गायक भी हो सकते है।

3. मिथुन लग्न में वृषभ राशि द्वादश भाव में होगी। यदि शुक्र के साथ चंद्र हो तो ऐसे जातक विदेश में रहकर धन लाभ वाले इंजीनियर भी हो सकते हैं। ऐसे व्यक्ति विदेश में या जन्मस्थान से दूर आभूषणों, होटल, इलेक्ट्रॉनिक्स के व्यापार में लाभ पाते है।

4. कर्क लग्न में यह राशि एकादश भाव में होगी, वहीं शुक्र साथ हो तो ऐसे बालक धनवान होते है। जनता से संबंधित मामलों में लाभ पाते हैं। सफेद वस्तु के व्यापार से चांदी के आभूषणों का व्यापार, दूध, डेयरी, वस्त्र व्यापार, कॉस्मेटिक्स व्यापार से लाभ पाते है। शुक्र यदि चतुर्थ भाव में हो तो ऐसे जातक कला से भी लाभ पाते हैं।

5. सिंह लग्न हो तो चंद्र दशम में होगा। शुक्र यदि स्वराशि का होगा चंद्र के साथ हो तो अपने पराक्रम से, पिता के व्यापार से धन लाभ पाने वाला होता है।

6. कन्या लग्न में वृषभ राशि नवम भाव में होगी, वहीं शुक्र धन भाव में हो तो भाग्य से धनी होगी। शुक्र चंद्र का दृष्टि संबंध हो तो ऐसे जातक खलनायक के रूप में अधिक सफल होते है।

7. तुला लग्न में वृषभ का चंद्र अष्टम भाव में होगा। शुक्र के साथ चंद्र हो तो कामुक होगा। ऐसे जातक का धन बुरे कार्य में खर्च होता है।

8. वृश्चिक लग्न में वृषभ राशि सप्तम भाव में होगी। यदि चंद्र के साथ शुक्र हो तो वह सुंदर पत्नी का पति होगा। धनवान स्त्री मिलेगी। स्त्री से लाभ पाने वाला होगा।

9. धनु लग्न में षष्ट भाव में चंद्र होगा अतः ऐसे जातक कठिनाई से आय का लाभ पाने वाले होते है।

10. मकर लग्न में वृषभ राशि पंचम भाव में होगी। शुक्र के साथ हो तो विद्या उत्तम होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सक आदि में सफल होगा।

11. कुंभ लग्न में चतुर्थ भाव में वृषभ राशि होगी, शुक्र साथ हो तो ऐसे जातक भाग्यशाली, सुखी, वाहनादि से लाभ पाने वाला, संपत्तिवान, माता से लाभ पाने वाले होते हैं।

12. मीन लग्न में तृतीय भाव में चंद्र वृषभ का होगा। विद्या स्वप्रयत्नों से मिलेगी। शुक्र भी साथ हो तो आवाज मधुर होगी।

 

Astrologer Kanchan Pardeep Kukreja

Divya Jyoti Astro and Vaastu,

Abohar & Ludhiana