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संकष्टी गणेश चतुर्थी

संकष्टी गणेश चतुर्थी

संकष्टी गणेश चतुर्थी 

02 जून 2018 शनिवार व्रत तिथि और चंद्रोदय समय 22:19 अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष चतुर्थी
हिन्दू धर्म में गणेश जी को विघ्नहर्ता और प्रथम पूजय देव के रूप में जाना जाता है। इसीलिए किसी भी कार्य को करने से पूर्व सर्वप्रथम उनका पूजन किया जाता है। पुरे साल भर में एक पर्व ऐसा भी आता है जब लोग बाप्पा को अपने घर मेहमान के रूप में बुलाते है और पुरे 11 दिनों तक उनका सेवा सत्कार करते है। परन्तु इसके अलावा भी एक दिन है जिसमे भगवान श्री गणेश का पूजन और व्रत किया जाता है। इस दिन को संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार संकष्टी व्रत हर माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के चौथे दिन आती है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है जबकि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। बहुत से लोग इसे सकट हारा के नाम से भी जानते है। इसके अतिरिक्त अगर किसी माह की संकष्टी चतुर्थी मंगलवार के दिन पड़ती है तो उसे अंगारकी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन को दक्षिण भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक व्रत करते है।
माना जाता है चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश का पूजन और व्रत करने से लाभ मिलता है। अंगारकी चतुर्थी को संकट हारा चतुर्थी भी कहा जाता है। कहते है इस दिन भगवान गणेश का व्रत और पूजा करने से मनचाहा फल मिलता है। भारत के उत्तरी एवं दक्षिणी राज्यों में संकष्टी चतुर्थी का पर्व बड़े श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाता है। संकष्टी शब्द का हिंदी अर्थ है ‘कठिन समय से मुक्ति पाना’। इसीलिए बहुत सी महिलाएं एवं पुरुष बड़े श्रद्धाभाव के साथ इस व्रत को करते है। 


Astrologer Kanchan Pardeep Kukreja
Divya Jyoti Astro and Vaastu,