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Amavasya

अमावस्या

अमावस्या हमारे हिंदू पंचांग के अनुसार वह तिथि होती है जिसमें धीरे धीरे घटता हुआ चंद्रमा लुप्त हो जाता है व रात को घना अंधेरा छाया रहता है। चंद्र की चालके अनुसार मास को दो हिस्सों में विभाजित किया जाता है जिसमें चंद्रमा बढ़ता रहता है वह शुक्ल पक्ष कहलाता है पूर्णिमा की रात के पश्चात चांद घटते-घटते अमावस्या तिथि को पूरा लुप्त हो जाता है। इस हिस्से को कृष्ण पक्ष कहते हैं। पंचांग के अमांत मास का अंत भी इसी तिथि को माना जाता है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है जो कि बहुत ही पुण्य फलदायी मानी गई है। वहीं यदि यह तिथि शनिवार को पड़े तो शनिचरी अमावस्या कहलाती है यह तिथि बहुत ही सौभाग्यशाली मानी जाती है। इसके अलावा सोमवार, मंगलवार व बृहस्पतिवार की अमावस्या को यदि अनुराधा, विशाखा या स्वाति नक्षत्र रहता है तो यह भी बहुत ही शुभ योग माना जाता है। शास्त्रों में माना गया है कि जैसे जैसे चंद्र क्षीण होता है उस समय में हमारी अतृप्त आत्माएं सक्रिय हो जाती है इस लिए अमावस्या तिथि को पितरों कि तिथि कहा जाता है इसके स्वामी पितृदेव माने जाते हैं इसलिये श्राद्ध कर्म या पितर शांति के लिये भी यह तिथि सदेव अनुकूल मानी जाती है

अमावस्या का महत्व

ज्योतिष शास्त्र व धार्मिक दृष्टि से यह तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिये इस तिथि का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस तिथि को तर्पण, स्नान, दान आदि के लिये बहुत ही पुण्य फलदायी माना जाता है। भारत का प्रमुख त्यौहार दीपावली अमावस्या को ही मनाया जाता है। सूर्य पर ग्रहण भी इसी तिथि को लगता है। कोई जातक यदि काल सर्पदोष से पीड़ित है तो उससे मुक्ति के उपाय के लिये भी अमावस्या तिथि काफी कारगर मानी जाती है।

वर्ष 2019 की अमावस्या

तारीख वार पर्व 
5 जनवरी, 2019 शनिवार मार्गशीर्ष अमावस्या
4 फरवरी, 2019 सोमवार पौष अमावस्या
6 मार्च, 2019 बुधवार माघ अमावस्या
5 अप्रैल, 2019 शुक्रवार फाल्गुन अमावस्या
4 मई, 2019 शनिवार चैत्र अमावस्या
3 जून, 2019 सोमवार वैशाख अमावस्या
2 जुलाई, 2019 मंगलवार ज्येष्ठ अमावस्या
1 अगस्त, 2019 गुरुवार आषाढ़ अमावस्या
30 अगस्त, 2019 शुक्रवार श्रावण अमावस्या
28 सितंबर, 2019 शनिवार भाद्रपद अमावस्या
28 अक्टूबर, 2019 सोमवार अश्विन अमावस्या
26 नवंबर, 2019 मंगलवार कार्तिक अमावस्या
26 दिसंबर, 2019 गुरुवार मार्गशीर्ष अमावस्या

 

Astrologer Kanchan Pardeep Kukreja

Divya Jyoti Astro and Vaastu